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स्टारलिंक ने मलेशिया में डायरेक्ट-टू-सेल सैटेलाइट ट्रायल की शुरुआत की: एशिया पैसिफिक में सैटेलाइट-मोबाइल कनेक्टिविटी में भारी उछाल

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दूरदराज के इलाकों में मोबाइल कवरेज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, स्टारलिंक (Starlink) ने मलेशिया में अपनी डायरेक्ट-टू-सेल (D2C) सैटेलाइट सेवा के परीक्षण (ट्रायल) का प्रस्ताव रखा है। एशिया पैसिफिक क्षेत्र में सैटेलाइट-टू-मोबाइल कनेक्टिविटी की अवधारणा तेजी से जोर पकड़ रही है, जिससे संचार नेटवर्क तक बेहतर पहुंच का रास्ता साफ हो रहा है।
दूरस्थ कनेक्टिविटी के लिए तकनीकी छलांग
मलेशिया के संचार मंत्री, फाहमी फदजिल ने इस पहल के संभावित लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट कनेक्टिविटी की संभावनाओं को रेखांकित किया, जहां कम आबादी या आर्थिक बाधाओं के कारण टेलीकॉम टॉवर लगाना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि D2C सैटेलाइट सेवाएं मौजूदा स्थलीय (टेरेस्ट्रियल) नेटवर्क को कैसे पूरक बना सकती हैं, जो पारंपरिक टॉवर निर्माण के विकल्प के रूप में काम करेंगी जिसमें आमतौर पर 18 से 24 महीने का समय लगता है।
फदजिल ने साझा किया कि मलेशिया 2024 से D2C तकनीक की बारीकी से समीक्षा कर रहा है और 2026 या 2027 में इस सेवा को शुरू करने की योजना बना रहा है। स्टारलिंक द्वारा प्रस्तावित ट्रायल इस समयसीमा को गति दे सकता है, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति साबित होगा।
एशिया पैसिफिक में D2C सेवाओं का विस्तार
मलेशिया में स्टारलिंक का यह प्रस्तावित ट्रायल फिलिपींस में ग्लोब टेलीकॉम (Globe Telecom) द्वारा स्टारलिंक मोबाइल के वाणिज्यिक लॉन्च के ठीक बाद आया है, जो दक्षिण पूर्व एशिया में पहली व्यावसायिक रूप से उपलब्ध स्टारलिंक D2C सेवा है।
ऊकला (Ookla) के एक विश्लेषण में ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड और फिलिपींस में D2C सेवाओं के अपनाए जाने में भारी वृद्धि को रेखांकित किया गया है। जुलाई 2025 और मई 2026 के बीच, इन देशों में D2C सेवाओं का उपयोग करने वाले यूनिक डिवाइसों की संख्या में पांच गुना से अधिक की वृद्धि हुई। फिलिपींस ने इस वृद्धि का नेतृत्व किया, जहां 2026 की दूसरी तिमाही तक चारों बाजारों में पाए गए D2C उपयोगकर्ताओं का 64% हिस्सा था।
इसके अलावा, ऊकला की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि स्टारलिंक पर आधारित छह वाणिज्यिक D2C सेवाएं वर्तमान में चार APAC बाजारों में चालू हैं। जापान की KDDI, SoftBank और NTT DOCOMO मुफ्त सैटेलाइट मैसेजिंग प्रदान करती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया की Telstra चुनिंदा पोस्टपेड प्लान्स में सैटेलाइट टेक्स्टिंग को शामिल करती है। ग्लोब टेलीकॉम ने जून 2026 में दक्षिण पूर्व एशिया की पहली वाणिज्यिक D2C सेवा शुरू करके सुर्खियां बटोरीं।
प्रश्न एवं उत्तर
मलेशिया में स्टारलिंक के प्रस्तावित D2C सैटेलाइट सेवा ट्रायल का संभावित लाभ क्या है?
यह ट्रायल उन दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ा सकता है जहां आर्थिक बाधाओं या कम आबादी के कारण टेलीकॉम टॉवर लगाना व्यावहारिक नहीं है।
D2C तकनीक मौजूदा स्थलीय (टेरेस्ट्रियल) नेटवर्क को कैसे पूरक बनाती है?
D2C तकनीक पारंपरिक टॉवर निर्माण का एक वैकल्पिक समाधान पेश करती है, जिसमें आमतौर पर 18 से 24 महीने का समय लगता है। यह उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर सकती है जहां नए मोबाइल टॉवर बनाना व्यावहारिक नहीं होगा।
एशिया पैसिफिक क्षेत्र में D2C सेवाओं की वृद्धि की प्रवृत्ति कैसी रही है?
ऊकला की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2025 से मई 2026 तक ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड और फिलिपींस में D2C सेवाओं का उपयोग करने वाले उपकरणों की संख्या में पांच गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। 2026 की दूसरी तिमाही तक पहचाने गए D2C उपयोगकर्ताओं में फिलिपींस की हिस्सेदारी 64% थी।