ऑटो
2019 में म्यांमार का ऑटोमोटिव बाजार लगभग 8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान

फ्रॉस्ट एंड सुलिवन (Frost & Sullivan) के एक नए विश्लेषण से पता चलता है कि बढ़ती अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और बढ़ती आय के कारण 2013 से 2019 तक म्यांमार का ऑटोमोटिव बाजार 7.8 प्रतिशत की चक्रवर्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने की संभावना है।
वर्तमान में इस्तेमाल किए गए (यूज्ड) वाहनों के दबदबे वाले इस बाजार के 2019 में 95,300 तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसकी एक वजह आसियान (ASEAN) के साथ बढ़ता एकीकरण भी है।
हालांकि, फ्रॉस्ट एंड सुलिवन में ऑटोमोटिव प्रैक्टिस, एशिया-पैसिफिक के एसोसिएट डायरेक्टर दुष्यंत सिन्हा ने कहा कि अप्रत्याशित नियामक बदलाव, कारों की ऊंची कीमतें, अल्पविकसित ऑटो सर्विस मार्केट और अपर्याप्त सड़क बुनियादी ढांचे जैसे कारक संभावित विकास में बाधा डाल सकते हैं।
म्यांमार दोपहिया वाहनों पर अत्यधिक निर्भर है, जिनकी बाजार में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि पैसेंजर कारें 11 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं, ट्रक और बसें क्रमशः केवल 3 प्रतिशत और 1 प्रतिशत हैं। दोपहिया वाहनों के उच्च स्वामित्व वाला युवा कार्यबल लंबी अवधि में एक संभावित कार खरीदार समूह बनने का वादा करता है।
दुष्यंत ने कहा कि 2019 में भी पैसेंजर वाहन बाजार पर जापानी ब्रांडों का दबदबा कायम रहने की उम्मीद है। होंडा, सुजुकी और निसान अपनी छोटी कारों की पेशकशों (जैसे Honda Fit/Brio, Suzuki Swift, और Nissan March) की बदौलत लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं, जो म्यांमार के ग्राहकों को आकर्षित करेंगी। अपने जापानी समकक्षों की तुलना में अधिक किफायती कीमतों और छोटे इंजन के आकार के कारण चीनी और कोरियाई ब्रांडों में भी वृद्धि देखी जाएगी।
टैग